सागर से पानी, पानीसे बादल
बीजलीसे गरजते बादल
पानी की बॅुंद, बॅुंदों के बादल
बादल से बरसे पानी की बॅुंदे
बॅुंद बॅुंदसे बने पानी के झरनें
झरनोंसे बनती पानी की नदियॉं
नदियॉं है बहती सागरसे मिलने
बॅुंदे जो निकली सागरसे मिली फिर सागरसे
चाहे भजो कोई नाम राम या शाम
आखीर पहॅूंचेगे सारे केशव के धाम
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