Saturday, August 10, 2024

तुझसे अनजानासा

हे भगवान मै क्युं जानू तुझको
मै क्युं समझू तुजको

जानना है अगर मुझको जानले तु तेरे भगतको
समझना है अगर मुझको समझले तेरे दासको

आजतक न जान सका मै मुझको
आजतक न पहचान सका मै मुझको

कौन हूं मै कहांसे आया हूं मै
न जानें कहांपे जानेवाला हूं मै

जानें ना मै जानें ना कोई
हम सब है अनजानें एकदूसरेसें

फिर भी क्युं लगतें है जानेपहेचानेंसे
सब अपनेंसे लगतें हैं क्युं

हे भगवान तुही जाना पहचानासा है
फिर भी क्युं लगता अनजानासा है

कभी तुझे पहचान सकू जानेंअनजानें सही 
इतनी समझ मुझको आये कभी

… तुझसे अनजानासा सुनील
२६ मार्च २०२४

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