जिंदगीने हमको दी है चंद सॉंसे
जबतक दम है दिल मै तुम्हारे
भरलो चाहें जितनी तुम आहें
क्या पता कब खत्म हो जाये सॉंसे
तुम भरतेही रहोगे युंही आहे
आहोंसे उभरकर धुंडलो मंझिल
कहीं नजरोंसे हो न जाये ये ओझल
जबतक है चल रही है ये सॉंसे
भरलो मनमें भगवतनामकी आहें
गर टूट जाये यें सॉंसो की दोर
पर टूटेंना जुडीं हुई इश्वर से दोर
तो लेते रहो हर पल सॉंसे
और जपते रहों हर सॉंसपे उसीका नाम
चाहें तुम रहो ना रहो
हो जाओगे तुम अमर
21 feb 2024
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