शब्दोंने कहा की तुम क्या लिखोगे कविता
हम ना होते अगर दिमागमें तुम्हांरे
कविता क्या लिखतें और क्या पढ़तें
अगर हम शब्दही सारें तुमसे मुँह मोड़ लेते
कहो तब तुम क्या कभी बोल भी पाते
सही है यही अगर न होता साथ शब्दों का
न हम बोलही पाते न लिख पाते कविता
कहते है कविता है भावनाओं का बंधन
मगर सच यही है कविता है शब्दों का गटबंधन
अगर सही नहीं होता यह गटबंधन
न होती कविता कभी भावनाओं का बंधन
जो बिखर जाते सारे शब्द इधर उधर
न जुड़ पाता सही भावनाओं का बंधन
बिखरे सारे शब्द बिखरे सारे भाव
बिखर गये जो मेरे सारे विचार
कहो तब तुम क्या कभी बोल भी पाते
सही है यही अगर न होता साथ शब्दों का
न हम बोलही पाते न लिख पाते कविता
कहते है कविता है भावनाओं का बंधन
मगर सच यही है कविता है शब्दों का गटबंधन
अगर सही नहीं होता यह गटबंधन
न होती कविता कभी भावनाओं का बंधन
जो बिखर जाते सारे शब्द इधर उधर
न जुड़ पाता सही भावनाओं का बंधन
बिखरे सारे शब्द बिखरे सारे भाव
बिखर गये जो मेरे सारे विचार
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