कल क्या होगा किसको पता।
फिर भी जी अंजानेसे घबराता ।
जो भी होगा सही होगा अच्छाही होगा ।
उपरवालेने अपनेलिए कुछ अच्छाही सोचा होगा ।
जानकर भी अंजानेसे लगता है क्यूॅं डर।
भरौसा रख ए दिल
खूदपर और खूदापर।
जिसका कोई नही उसका
खूदा है।
जानकर भी ये दिल अंजान है।
फिर भी जी अंजानेसे घबराता ।
जो भी होगा सही होगा अच्छाही होगा ।
उपरवालेने अपनेलिए कुछ अच्छाही सोचा होगा ।
जानकर भी अंजानेसे लगता है क्यूॅं डर।
भरौसा रख ए दिल
खूदपर और खूदापर।
जिसका कोई नही उसका
खूदा है।
जानकर भी ये दिल अंजान है।
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