खुदपर यकिन हो ना हो
पर खुदापर यकिन जरूर हो
चाहे ते साथ दे या ना दे
पार उसका साथ हरपल रहे
राह में आये कीर्तनी कठीणाईयाँ
सही राह मुझे वोही दिखाऍ
निगहो में मंझिल नजर ना आयें
फिर भी मंझिल तक वोही पहुंचाये
गर कदम चालनेमें हो जाये मजबूर
वोही गोदमे उठाकर पार लगाये
खुदपर यकिन हो ना हो
पर खुदापर यकिन जरूर हो
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