Tuesday, May 19, 2020

डर डर के क्यु जीना है।

डर डर के क्यु जीना है।
जीना है तो एक दिन सबको मरना है।

कोरोना से डरोना, रोज़ रोज़ क्यु रोना है।
मर मर के जीनेसे आजही मर जाना अच्छा है।

अब सब लोग आपको डरायेंगे।
हर कोई इम्युनिटी बढ़ानेको बोलेंगे।

कल तक जो बेचते थे मधुमेह की दवाईयॉं।
आज वोही बेचेंगे इम्युनिटीकी दवाईयॉं।

जीना यहाॅं अब तो मेहेंगा है।
मरना यहाॅं अब तो सस्ता है।

गाडी हो या हो घोडा हर चीजपर कोरोना है।
इंसान हो या वस्तु छुना इनको मना है।

जगपर छाया अब कोरोना है।
ये बस उसकी माया है।

रोज डर डरके जीने से
इक बार ही मरना अच्छा है।

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