Sunday, January 6, 2019

ख्वाईशे...

ख्वाईशे...
जिंदगी के साथ भी
जिंदगी के बाद भी

जिंदगी में हर ख्वाईश होती नही पूरी
हर ख्वाईश के साथ इक नई ख्वाईश है पन्पती

जिंदगी के सौ साल भी हो जाये पूरी
जीने के पल दो पल रह जाते है बाकी

लगता है ऐसा हो जाएगी पूरी हर ख्वाईश
हो जाये जिंदगी पूरी, अधुरी रह जाये ख्वाईश

हर ख्वाईश के बाद नई ख्वाईश
नही होती कभी पूरी हर ख्वाईश 

रह जाती है बाकी ख्वाईशे
जिंदगी के साथ भी
जिंदगी के बाद भी

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