न जाने ये मन कहा खोया रहता है।
न जाने कितने रंगो के धागे बुनता रहता है।
न जाने ये मन किन खयालोंमे खोया रहता है।
न जाने कितने चरित्र बना लेता है।
न जाने ये मन किन रंगोंमे खोया रहता है।
न जाने कितनी रंगबीरंगी तस्वीरे बना लेता है।
न जाने ये चंचल मन कहा खो जाता है।
न जाने कौनसी दुनिया में घुम आता है।
न जाने ये मन....
न जाने कितने रंगो के धागे बुनता रहता है।
न जाने ये मन किन खयालोंमे खोया रहता है।
न जाने कितने चरित्र बना लेता है।
न जाने ये मन किन रंगोंमे खोया रहता है।
न जाने कितनी रंगबीरंगी तस्वीरे बना लेता है।
न जाने ये चंचल मन कहा खो जाता है।
न जाने कौनसी दुनिया में घुम आता है।
न जाने ये मन....
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